PMSYM PENSION SCHEME | योजना की पूरी जानकारी हिंदी में।

PMSYM PENSION SCHEME | प्रधान मंत्री श्रमयोगी मानधन योजना: यह योजना केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई है। PMSYM योजना फरवरी 2019 में घोषित की गई और 15 फरवरी 2019 में पीयूष गोयल द्वारा लॉन्च की गई। अन्य योजनाएं जैसे एलआईसी, ईपीएफओ, ईएसआईसी इसी प्रकार चलती हैं। इस लेख में प्रधान मंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (Pradhan Mantri Shramyogi Maandhan Yojana) के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, इस योजना के लाभों के बारे में विस्तार से तथा जो व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र हैं वो पीएम श्रमयोगी पेंशन (PM Shramyogi Pension) में कैसे आवेदन करें इसकी जानकारी इस लेख पर दी गई है।
PM-SYM योजना के तहत कवर किए गए प्रोफेशन/व्यवसायों की सूची नीचे दी गई है।

Pm Sym Pension Scheme



प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना .*.*.*.*.*.*.*.*.*. Shram Yogi Maandhan Pension Yojana
(आवश्यक जानकारी )
योजना   
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना  
द्वारा लांच  
फाइनेंस मिनिस्टर मि.पियूष गोयल  
शुरुआत की तिथि  
15 फ़रवरी 2019  
हितग्राहियों की संख्या  
42 करोड़ अनुमानित  
  योगदान राशि 
18 वर्ष - 55 रु /माह
29 वर्ष - 100 रु /माह
40 वर्ष - 200 रु /माह
40 वर्ष से ऊपर - अयोग्य   
पेंशन की राशि   
3000 रु / महीना  
वर्ग   
केंद्र सरकार की योजना  
 पंजीयन केंद्र  
CSC Centres 
 अयोग्य लाभार्थी  
यदि केंद्र सरकार के किसी पेंशन योजना में शामिल हो  
 पेंशन ट्रांसफर सुविधा  
पार्टनर को, बच्चों को नहीं  
 आवेदन केंद्र  
किसी भी सी.एस.सी सेंटर से  
 कौन से कार्य इसमें शामिल हैं   
 लाभार्थी श्रेणी 
असंगठित छेत्र कामगार  












PMSYM CHART

केंद्र सरकार द्वारा जो योजना शुरू की गई है उसे प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (Pradhanmantri Shramyogi Maandhan Yojana) कहा जाता है। यह योजना 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के बाद प्रत्येक व्यक्ति को एक नियमित पेंशन प्रदान करती है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी योजना (Pradhanmantri Shramyogi Yojana) मजदूर वर्ग के लोगों के लिए एक पेंशन योजना है जो असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं। PMSAY

PMSYM

PMSYM पेंशन योजना के लिए कौन पात्र है? (PMSYM Pension Yojana Eligibility)


  • जैसा कि श्रमिक वर्ग का उल्लेख है, इस योजना में विभिन्न प्रकार के कार्य करने वाले लोग शामिल हैं जैसे कि बढ़ई, राजमिस्त्री और ऐसे कई कार्यकर्ता हैं। वास्तव में, असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) से संबंधित कोई भी काम करने वाला इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। असंगठित क्षेत्रों अर्थात एक ऐसा समुदाय है जिसमें मजदूरी फिक्स नहीं होती है। इस तरह के सेक्टर में स्ट्रीट वेंडर, रैग पिकर, कोबलर्स, ब्रिक मेकर, लेदर वर्कर्स, रिक्शा चालक, भूमिहीन लेबर, बीड़ी वर्कर और कई अन्य शामिल हैं।
  • जिन श्रमिकों के पास कोई निश्चित आय नहीं है और जिनकी आय दैनिक रूप से जीवनयापन करने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर निर्भर करती है, वे प्रधान मंत्री श्रमयोगी योजना (PMSYM SCHEME) में लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
  • असंगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रति माह 15,000 रुपये से कम आय अर्जित करते हैं और 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के हैं तो ऐसे सभी श्रमिक PMSYM योजना के लिए पात्र हैं।
PRADHAN MANTRI KISAN SAMMAN YOJANA के बारे में भी जानें। 

प्रधान मंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के लिए आवेदन या पंजीकरण कैसे करें? (How To Apply In Pradhan Mantri Shramyogi Maandhan Yojana?)


PMSYM CSC पर प्रधान मंत्री श्रमयोग योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

असंगठित क्षेत्र का ख्याल रखते हुए यह योजना केंद्र सरकार (Central Government Scheme) द्वारा शुरू की गई है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अपने जीवन को सुरक्षित करने, बेहतर और उज्जवल भविष्य के लिए सोचने का यह एक सुनहरा अवसर है। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए, पात्र लोग ऑनलाइन माध्यम से इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पात्र लोग आसानी से आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया नीचे उल्लिखित है।


  • सभी पात्र उम्मीदवारों के पास उनके बैंक विवरण और आधार कार्ड होना चाहिए। यह पुष्टि करने के बाद, उम्मीदवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी पर जाने की आवश्यकता है, आवश्यक दस्तावेज सत्यापन के लिए आगे उपयोग किया जा सकता है।
  • निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर में नियुक्त अधिकारी उम्मीदवार द्वारा दी गई सभी सूचनाओं और विवरणों को जांच कर पंजीयन कर देगा। अभ्यर्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी वास्तविक जन्मतिथि के साथ ही पंजीकरण करें क्योंकि कुल योगदान राशि गणना आयु के आधार पर की जाती है। उसे कितना प्रीमियम देना है या नहीं, इसका निर्धारण सभी उस वास्तविक आयु पर निर्भर करता है, जिसकी पुष्टि उम्मीदवार करता है।
  • सभी दस्तावेजों के सत्यापित होने के बाद योजना शुरू हो जाएगी। एक किस्त राशि कॉमन सर्विस सेंटर में नियुक्त अधिकारी से काट ली जाएगी। सफल भुगतान होने के बाद, अधिकारी को वह सारी राशि हितग्राही वापस द्वारा देना जो कैंडिडेट द्वारा अधिकारी के खाते से काट ली गई है वह भी नकद राशि में।
  • उम्मीदवार को एक सफल ऑनलाइन भुगतान की सूचना के लिए जांच करनी चाहिए। यदि सूचना आती है, तो इसका मतलब है कि पंजीकरण सफलतापूर्वक किया गया है। एक अद्वितीय पेंशन कोड भी सॉफ्टवेयर से उत्पन्न होता है जो ऑनलाइन कोड है।
  • इस प्रक्रिया के बाद, CSC अधिकारी अन्य औपचारिकताओं को करने के बाद उम्मीदवार के दस्तावेजों को स्कैन करेगा। अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों को स्कैन करता है कि जानकारी उनके डेटाबेस में भी जोड़ी गई है।
  • दस्तावेजों की स्कैनिंग के बाद, उम्मीदवार को एक पेंशन कार्ड (PMSYM CARD)ऑनलाइन मिल जाता है, जो उम्मीदवार के दस्तावेजों और अन्य डेटा के सत्यापन के बाद उत्पन्न हुआ है।
  • उम्मीदवार द्वारा प्रदान किया गया डेटा फिर बैंक प्राधिकरण को भेजा जाता है। बैंक अधिकारियों द्वारा डेटा की जाँच करने के बाद उम्मीदवार को खाते से डेबिट के बारे में सूचित किया जाएगा। उम्मीदवार की पंजीकृत संख्या पर एक एस.एम.एस आएगा, जिसके बाद उम्मीदवार को योजना से जुडी जानकारी प्राप्त होगी

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना आवेदन पत्र

CSC संचालक (CSC PMSYM) डिजिटल सेवा वेबसाइट के माध्यम से PM-SYM योजना में नामांकन कर सकते हैं।

पीएम श्रमयोगी योजना के लाभ (Benefits Of PM Shramyogi Yojana)


  • यह एक अत्यधिक फायदेमंद योजना है जिसमे कि 18 साल की उम्र का कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री श्रम योगी योजना (Shram yogi Maandhan Pension Yojana) से जुड़कर 60 साल की उम्र तक 55 रुपये का योगदान देगा ताकि उसे रिटायरमेंट होने पर एक निश्चित पेंशन प्राप्त हो सके। प्रत्येक महीने श्रमिकों के (PM SYM) पेंशन खाते में सरकार द्वारा समान राशि योगदान के रूप में दिया जाएगा।
  • इस योजना के लागू होने से भारत के असंगठित क्षेत्रों से संबंधित 42 करोड़ से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा।
  • अगर उम्मीदवार 10 साल से पहले योजना से बाहर निकलता है, तो बैंक की ब्याज दरों के मौजूदा हिसाब से उम्मीदवार को उसका पैसा वापस हो जायेगा।
  • यदि उम्मीदवार 10 वर्ष के बाद लेकिन 60 वर्ष की आयु से पहले अपना योगदान देना बंद करता है, तो संचित ब्याज को जोड़ने के पश्चात उम्मीदवार के योगदान का हिस्सा वापस उम्मीदवार को दिया जाएगा।
  • यदि उम्मीदवार योजना में सही तरीके से किश्त दे रहा है, लेकिन किसी भी कारण से उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसकी आधी बची योजना पर उसका पार्टनर हकदार होगा। यदि पति या पत्नी इसके हकदार हैं, तो उन्हें नियमित रूप से आगे के योगदान का भुगतान करना चाहिए। यदि वे ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं, तो वे ब्याज के अलावा तारीख तक उम्मीदवार के योगदान राशि को लेकर योजना से बाहर निकल सकते हैं।

पीएम श्रम योगी मंथन योजना हेल्पलाइन नंबर

टोल फ्री नंबर 1800 267 6888


PMSYM SCHEME के महत्वपूर्ण लिंक

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भारत के अधिकतर नागरिक सरकारी नौकरी करने पर ज्यादा जोर देता क्योंकि सरकारी नौकरियों में सुरक्षित भविष्य होने के बारे में बच्चों ने अपने माता-पिता से अक्सर सुना होता है, क्योंकि पेंशन प्रणाली वहां एक सुरक्षा है यही कारण है कि भारतीय माता-पिता अपने बच्चे को सरकारी कर्मचारी बनाना चाहते हैं। निजी क्षेत्र भले ही लोगों को अच्छी-खासी तनख्वाह प्रदान करता हो, लेकिन फिर भी वे सरकारी नौकरी करना ज्यादा पसंद करेंगे। निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी बचत कर सकते हैं क्योंकि उनके लिए भी बहुत सी योजनाए वर्तमान में हैं। असल समस्या मजदूरों को होती है, वे जो भी कमाते हैं, उसका उपयोग अपने ऋण या ऋण का भुगतान करने के लिए उपयोग कर लेते हैं, आखिर में मजदूर भी इंसान भी होते हैं उनके शरीर भी एक निश्चित अवधि के बाद थक जाते हैं। साधारण तर्क जो वर्षों पहले प्रचलित था, आप जितना कठिन काम करेंगे उतना ही  बेहतर भुगतान आपको किया जाता है। जरा सोचिये क्या होगा यदि श्रमिक अपने जीवन के अंतिम चरण में है? क्या लोग उसे जीवित रहने के लिए पैसे देते होंगे? जवाब है नहीं । श्रमिकों की इस समस्या को दूर करने के लिए, भारत के केंद्र सरकार ने श्रमिक वर्ग के लोगों के जीवन को उज्जवल बनाने के लिए एक योजना बनाई है। 

यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। 

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