Affiliate marketing details in hindi | एफिलिएट मार्केटिंग की सच्चाई

एक सुबह जब आप सोकर उठते हैं और जब अपने घडी पर समय देखते हैं तो पाते हैं की आप ऑफिस या काम जाने के लिए लेट हो चुके हैं, दूसरे ही पल आपके दिमाग में चल रहा होता है की आज बिना नाश्ता किये ही जाना पड़ेगा, रास्ते में ट्रैफिक के कारण मैं और लेट हो जाऊंगा, बॉस से डांट पड़ने वाली है, मुझे जलील होना पड़ सकता है – “ वगैरह वगैरह “

इन सभी उलझनों के बीच आपके मन में यह भी ख्याल आता होगा की काश मुझे कोई ऐसा काम मिल जाता जिसे मैं अपने समय के अनुरूप कर सकूँ या जिसमे मैं खुद अपना बॉस रहूँ, मुझे कार्यों को अपने तरह से करने की आज़ादी मिले चाहे उसे मैं किसी भी जगह से कर सकूँ।

आइये आगे के लेख में आपके इसी परेशानी का हल ढूंढने की कोशिश करेंगे ।

affiliate marketing details in hindi



एफिलिएट मार्केटिंग क्या है ? What is affiliate marketing?

एफिलिएट मार्केटिंग किसी कंपनी के प्रोडक्ट या सेवा को प्रमोट कर अथवा बेचकर कमीशन कमाने की प्रक्रिया है,आप अपनी मर्जी से प्रोडक्ट चुनते हैं और उस प्रोडक्ट को दूसरों को प्रमोट करते हैं 

जब आप किसी सामान को प्रमोट करते हैं और आपके प्रमोशन के कारण वह प्रोडक्ट बिक जाता है तो आप पैसे कमाते हैं।

आसान हैं न दोस्तों ? जी हाँ आप इसे कर सकते हैं

दूसरे शब्दों में, जब आप किसी कंपनी के लिए सेल्स करने में मदद करते हैं, तो आपको उसके एवज में कमीशन मिलती है। Learn affiliate marketing in hindi

इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि आपको कोई प्रोडक्ट नहीं बनाना, क्योंकि प्रोडक्ट पहले से ही मार्केट में मौजूद है, और आपका काम है उस प्रोडक्ट को प्रमोट करना

जैसे ही आप प्रोडक्ट या सेवाओं को दूसरों को प्रमोट करते हैं, आप पैसे कमाना शुरू कर देते हैं

अब आपके मन में ये बात आ रही है, मैं कैसे किसी प्रोडक्ट को प्रमोट करूँ?

आपके सारे सवालों का जवाब है हमारे पास, अगर आपके पास ब्लॉग, वेबसाइट, पॉडकास्ट, यूट्यूब चैनल जैसी कोई एक चीज भी है तो आप इस काम को आसानी से कर सकते हैं 

अगर आपके पास कुछ नहीं है तो सोशल मीडिया जैसे की फेसबुक,व्हाट्सएप का इस्तेमाल करके भी आप पैसा बनाना शुरू कर सकते हैं।

तो, आपको बस इतना करना है कि अपने एफिलिएट लिंक के माध्यम से लोगों को उस कंपनी के वेबसाइट पर भेजें, और उसके बाद सब कुछ वह कंपनी संभाल लेगी। Part Time Jobs

बस यही तो है एफिलिएट मार्केटिंग, बहुत से लोगों ने इसे बखूबी समझते हुए इसका लाभ उठाया है और आज वो लोग हजारों से लेकर लाखों रूपये कमा रहे हैं वो भी बिना बॉस के, बिना टाइम के गुलाम बने

क्यों दोस्तों है न काफी आसान काम ? लेकिन मैं बस इतने में ही नहीं रुकने वाला क्योंकि इसके बारे में मुझे आपको और भी जरुरी बातें बतानी है। Affiliate marketing in hindi

आइये अब इसे और भी विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

एफिलिएट मार्केटिंग काम कैसे करता है ? How does affiliate marketing works?

सामान्यतः एक कंपनी प्रोडक्ट बनाती है, अब उस प्रोडक्ट को बेचने के लिए किसी न किसी मार्केटिंग या डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का प्रयोग करेगी, आज के वर्तमान परिवेश में एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा कंपनियां अधिक से अधिक बिक्री कर पा रही हैं क्योंकि उनका सेल्स का काम एफिलिएट मार्केटर्स बखूबी कर रहे हैं जिसके कारण उन कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचता है और इस कारण वे क्वालिटी पर पूरा ध्यान दे सकते हैं।


किसी भी एफिलिएट मार्केटिंग बिज़नेस में निम्न तीन पार्टी सम्मिलित होती है -

विक्रेता(सेलर) और उत्पाद निर्माता (प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर)।

एफिलिएट या विज्ञापनदाता।

उपभोक्ता या ग्राहक।

आइए अब इन तीनो के बारे में विस्तार से जानें।

 

विक्रेता(सेलर) और उत्पाद निर्माता (प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर)।

विक्रेता, चाहे एक उद्यमी या बड़ा उद्यम, एक विक्रेता, व्यापारी, उत्पाद निर्माता, या एक रिटेल विक्रेता जिसके पास मार्केट में बेचने के लिए कोई प्रोडक्ट होता है। प्रोडक्ट एक भौतिक(फिजिकल) वस्तु हो सकती है, जैसे घरेलू सामान, या मेकअप ट्यूटोरियल या किसी तरह की कोई सेवा भी। Affiliate Program In Hindi

 

विक्रेता को एफिलिएट में एक्टिव रूप से शामिल होने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन वे एफिलिएट मार्केटिंग से जुड़े विज्ञापन दे सकते हैं और अधिक लाभ ले सकते हैं। Earn Money

 

उदाहरण के लिए, विक्रेता एक ईकॉमर्स बिज़नेस चलाता हो, जिसने एक ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस शुरू किया और अपने प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग वेबसाइटों में एडवरटाइजिंग करके नए ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है। या विक्रेता एक सास(SAAS) कंपनी हो सकती है जो एफिलिएट का उपयोग करके अपने बिज़नेस सॉफ्टवेयर को बेचने में मदद करने के लिए लीवरेज करती है।

 

एफिलिएट या पब्लिशर।

एफिलिएट मार्केटर एक प्रकाशक के रूप में भी जाना जाता है, पब्लिशर या प्रकाशक एक अकेला व्यक्ति या एक ऐसी कंपनी हो सकती है जो विक्रेता के प्रोडक्ट्स को संभावित ग्राहकों के सामने आकर्षक तरीके से मार्केट में रखती है। दूसरे शब्दों में, ग्राहकों को मनाने के लिए वे  प्रोडक्ट को बढ़ावा देता है और उन्हें यह यकीन दिलाने की कोशिश करता है की यह उनके लिए मूल्यवान या फायदेमंद है और इस तरह उन्हें खरीदने के लिए राज़ी किया जाता है। यदि ग्राहक प्रोडक्ट को खरीदता है, तो एफिलिएट को उस बिक्री से हुए मुनाफे का एक हिस्सा प्राप्त होता है। Affiliate marketing in hindi pdf

 

एफिलिएट के पास अक्सर स्पेसिफिक ऑडियंस या यूँ कहें की संभावित ग्राहक होते हैं और उन्ही के सामने वे प्रोडक्ट का एफिलिएट करते हैं, आम तौर पर वे अपने ऑडियंस के हितों का पालन करते हुए ऐसा करते हैं। ऐसा करने से वे एक परिभाषित विशिष्ट या पर्सनल ब्रांड बनाता है जो एफिलिएट करने के लिए उपभोक्ताओं को आकर्षित करने में मदद करता है।

 

उपभोक्ता या ग्राहक

चाहे उपभोक्ता इसे जानता है या नहीं, वे (और उनकी खरीद) एफिलिएट मार्केटिंग के ड्राइवर हैं। एफिलिएट मार्केटर इन प्रोडक्ट्स को उनके साथ सोशल मीडिया, ब्लॉग और वेबसाइटों पर शेयर करते हैं। Affiliate marketing hindi

 

जब उपभोक्ता प्रोडक्ट खरीदते हैं, तब विक्रेता और एफिलिएट उसके लाभ को शेयर करते हैं। कभी-कभी एफिलिएट मार्केटर को उपभोक्ता को यह बताना भी पड़ता है कि वे बिक्री के लिए कमीशन प्राप्त कर रहे हैं। कई बार उपभोक्ता इस बात से पूरी तरह अनजान होते हैं की जो खरीददारी वे कर रहे हैं उसके पीछे एफिलिएट मार्केटिंग जैसा कोई सिस्टम कार्य कर रहा है।

 

एफिलिएट मार्केटिंग में अधिकतर जो प्रोडक्ट्स की कीमत होती है वो रिटेल प्राइस होती है। उपभोक्ता सामान खरीदेगा और प्रोडक्ट प्राप्त करेगा, वो भी बिना एफिलिएट मार्केटिंग सिस्टम से प्रभावित हुए जो की एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

एफिलिएट मार्केटर को पैसे कैसे मिलते हैं ?

जल्दी एवं कम खर्चों में और बिना ज्यादा परेशानी के किसी चीज को बेचना और पैसे कमाना, एफिलिएट मार्केटिंग की खासियत है जिसके कारण आज बहुत से लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और घर बैठे ही पैसे कम रहे हैं, लेकिन कैसे एक ग्राहक को सेलर से जोड़ने पर एफिलिएट मार्केटर को पैसे मिलते हैं ?

जवाब मुश्किल हो सकता है।

एक बात का ध्यान रखें की किसी एफिलिएट के फायदे के लिए कोई उपभोक्ता हमेशा ही किसी प्रोडक्ट को नहीं खरीदेगा, क्योंकि किसी प्रोडक्ट को खरीदना या न खरीदना उसकी इच्छा पर निर्भर करता है और कई बार तो उपभोक्ता सिर्फ जानकारी प्राप्त करके ही रुक जाता है। एफिलिएट प्रोग्राम के आधार पर, विक्रेता की बिक्री में एफिलिएट के योगदान को अलग-अलग तरीके से मापा जाता है। Affiliate Hindi

 

एफिलिएट मार्केटर को विभिन्न तरीकों से भुगतान किया जा सकता है:

1. प्रति बिक्री का भुगतान (Pay Per Sale)

एफिलिएट मार्केटिंग में पेमेंट का यह सबसे सामान्य स्ट्रक्चर है। Pay Per Sale जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की जब भी कोई सेल होगा तभी आपको इसका पेमेंट मिलेगा, इस प्रकार के भुगतान में, एफिलिएट मार्केटर के किसी एफिलिएट लिंक्स से कोई प्रोडक्ट की बिक्री होती है  तब प्रोडक्ट की बिक्री मूल्य का कुछ प्रतिशत एफिलिएट मार्केटर को सेलर पेमेंट करता है।

 

2. प्रति लीड का भुगतान (Pay Per Lead)

यह एक थोडा मुश्किल सिस्टम होता है, Pay Per Lead में किसी प्रकार के लीड प्राप्त होने पर एफिलिएट को पेमेंट प्राप्त होता है, इसमें अलग अलग प्रकार के लीड होते हैं और इस लीड को उपभोक्ता सम्बंधित सेलर की वेबसाइट पर जाकर पूरा करता है, जैसे की - संपर्क फ़ॉर्म भरना, किसी प्रोडक्ट के टेस्टिंग के लिए साइन अप करना, न्यूज़लैटर की सदस्यता लेना, या सॉफ़्टवेयर या फ़ाइलों को डाउनलोड करना। जब इस प्रकार के किसी काम को एफिलिएट द्वारा किसी उपभोक्ता या ग्राहक द्वारा कराया जाता है तब एक लीड बनता है और इस लीड बनने के कारण उस एफिलिएट मार्केटर को पेमेंट प्राप्त होता है।

 

3. प्रति क्लिक भुगतान (Pay Per Click)

Pay Per Click में एफिलिएट का काम किसी उपभोक्ता/ग्राहक या लोगों को सेलर की वेबसाइट पर रीडायरेक्ट करना होता है। इसका मतलब है कि एफिलिएट द्वारा कुछ इस प्रकार काम करना होता है की लोग सेलर की वेबसाइट पर चले जाएं। आसान शब्दों में कहें तो एफिलिएट का काम लोगों को सेलर के वेबसाईट पर भेजना होता है, जितना ज्यादा वेब ट्रैफिक बढेगा उसके आधार पर पेमेंट किया जाता है।

 

एफिलिएट मार्केटिंग क्यों करना चाहिए ?

अभी तक आपने यह समझ लिया की एफिलिएट मार्केटिंग क्या है और कैसे काम करता है, अब आपके मन में अगर ये सवाल घूम रहा है की एफिलिएट मार्केटिंग क्यों करना चाहिए या दूसरे लोग इसे क्यों करते हैं, तो आइये आगे देखते हैं इसके कुछ खूबियों के बारे में।

 

1. निष्क्रिय आय Passive Income.

जैसा की आप जानते हैं किसी भी नौकरी से पैसे कमाने के लिए हमेशा आपको काम पर रहने की आवश्यकता होती है, एफिलिएट मार्केटिंग जब आप सो रहे होते हैं तब भी पैसे कमाने का मौका देता है। किसी भी एफिलिएट प्रोग्राम में आप अपने थोड़े से समय का निवेश करके, कम समय में ही रेगुलर रिटर्न पा सकते हैं क्योंकि उपभोक्ता/ग्राहक रोज़ाना या हफ्तों में कोई न कोई प्रोडक्ट जरुर खरीदते हैं। एफिलिएट मार्केटर बनकर आप लम्बे समय तक पैसे प्राप्त करते रहते हैं। यहां तक ​​कि जब आप अपने कंप्यूटर/मोबाइल के सामने नहीं होते हैं, तब भी आपके मार्केटिंग स्किल्स से आपको स्थिर आय/इनकम लगातार होती रहती है।


2. कोई कस्टमर सपोर्ट की जरूरत नहीं। No Customer Support Problem.

एफिलिएट मार्केटर के लिए ये भी एक अच्छी बात है की उसे किसी भी प्रकार का कोई कस्टमर सपोर्ट नहीं देना होता है, अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज को बेचने वाली कंपनियों का ये काम होता है की वे अपने ग्राहकों की समस्या दूर करे और प्रोडक्ट या सर्विसेज जो वे कंपनियां देती हैं उससे ग्राहक संतुष्ट है अथवा नहीं ये सारी जिम्मेदारी उस सेलर/कंपनी की होती है न की किसी एफिलिएट की।

एफिलिएट मार्केटिंग सिस्टम के लिए धन्यवाद, आपको कभी भी ग्राहक सहायता या ग्राहक संतुष्टि जैसे झमेले में नहीं पड़ना होगा। एफिलिएट मार्केटर का पूरा काम सिर्फ विक्रेता/सेलर को उपभोक्ता के साथ लिंक करना है।


3. घर से काम करने की सुविधा Work From Home Opportunity

आज के समय में अधिकतर लोग अपने घर पर ही रहकर काम करने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो ऑफिस जाने से नफरत करते हैं, तो एफिलिएट मार्केटिंग आपके लिए एकदम सही समाधान या मौका है। आपका काम घर बैठे आराम से एफिलिएट कैंपेन चलाना है, अपने घरेलु कामों के साथ साथ आप इसे बड़े आराम से कर सकते हैं।


4. प्रभावी लागत Cost Effective System

अधिकांश बिज़नेस को स्टार्टअप करने के लिए फीस देने के साथ-साथ बिज़नेस को चलाने के लिए कैश फ्लो की आवश्यकता होती है। वहीँ दूसरी ओर देखें तो एफिलिएट मार्केटिंग को कम पैसों से किया जा सकता है, जिसका अर्थ है कि आप जल्दी से और बिना परेशानी के अपना काम शुरू कर सकते हैं। चिंता न करें एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए कोई फीस नहीं होती और न ही कोई प्रोडक्ट बनाने की आवश्यकता। इस प्रकार के काम की शुरुआत करना दूसरे किसी काम से कहीं अधिक सरल है।


5. सुविधाजनक और लचीला Convenient & Flexible Work

चूंकि आप एक फ्रीलांसर बन रहे हैं, इसलिए आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की स्वतंत्रता मिलती है, एफिलिएट मार्केटिंग में आप अपने हिसाब से प्रोडक्ट चुनते हैं, और यहां तक ​​कि अपने हिसाब से काम करने के लिए समय चुनते हैं। इसका सीधा मतलब है कि यदि आप पूरी तरह से सरल और सीधे कैंपेन पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो आप अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर सकते हैं।

 

6. प्रदर्शन-आधारित पुरस्कार Performance Based Rewards System

नौकरियों में आप सप्ताह के 80 घंटे तो काम कर सकते हैं लेकिन फिर भी आप एक फिक्स इनकम ही कमा पाएंगे। एफिलिएट मार्केटिंग पूरी तरह से आपके प्रदर्शन/परफॉरमेंस के आधार पर है। आप इससे वही प्राप्त करेंगे जो आप इसमें डालते हैं, मेरा मतलब जितनी मेहनत उतनी कमाई। प्रोडक्ट के बारे में लिखना और एक अच्छा कैंपेन बनाने से आपके कमाई में बढ़ोतरी होगी। अंत में आपके द्वारा किए गए अच्छे प्रदर्शन/परफॉरमेंस के लिए आप अधिक पेमेंट प्राप्त करेंगे।

 

7. एसईओ की शक्ति Power Of Seo In Affiliate Marketing

यदि आप एसईओ ठीक से करते हैं तो सर्च इंजन से मिलने वाले हेवी ट्रैफिक/आर्गेनिक ट्रैफिक का भरपूर फायदा उठा सकते हैं। यह आपकी वेबसाइट को विजिटर्स के लिए बेहतर बनाने के बारे में है। लोग स्वाभाविक रूप से ऑनलाइन इनफार्मेशन की तलाश करते हैं या किसी चीज को खोजते हैं, जब कोई व्यक्ति इस प्रकार का सर्च करता है तो आपके द्वारा दी गयी जानकारी उसे पहले दिखाई देनी चाहिए, तभी तो आपको इसका फायदा होगा। यही कारण है कि आपको ऑन-पेज एसईओ, कीवर्ड रिसर्च और लिंक बिल्डिंग जैसी चीजें सीखनी चाहिए ताकि आपका कंटेंट हमेशा दूसरों से पहले हो। आज हर कोई गूगल में "बेस्ट प्रोडक्ट" या "प्रोडक्ट रिव्यु" जैसे सर्च क्वेरी के लिए # 1 में रैंक करना चाहता है।

 

एफिलिएट मार्केटिंग कौन और कैसे कर सकता है ?

अधिकांश एफिलिएट मार्केटर सामान्य तरीकों से एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं, जिनमे आप और मैं जैसे लोग शामिल हैं, कहने का मतलब ये है की कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस काम को कर सकता है। कुछ लोगों के पास अलग अलग तरह के मार्केटिंग चैनल्स होते हैं। जैसे की सोशल मीडिया,वेबसाइट,ब्लॉग और इन्ही चैनल्स के सहारे वो लोग इस काम को करते हैं।

अगर आपके पास ये चैनल्स नहीं हैं तो घबराने की जरुरत नहीं है, आप फिर भी एक एफिलिएट बन सकते हैं।

 

1. इन्फ़्लुएन्सर/Influencers

एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास पॉवर होता है जिसके फैसले से बहुत से लोगों को प्रभाव पड़ता है, यह व्यक्ति एक अच्छे पद पर हो सकता है जिसका फायदा उसे एफिलिएट मार्केटिंग में मिलता है, अब ऐसे व्यक्ति के फेन या फोलोवार्स भी ज्यादा ही होंगे तो ऐसे व्यक्ति सीधे तौर पर सोशल मीडिया में पोस्ट कर अपने फोलोवार्स को किसी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए कह सकते हैं।

इन्फ़्लुएन्सर मार्केटिंग कैंपेन अधिकतर इन्स्टाग्राम में अधिक पॉपुलर है क्योंकि वहां पर किसी भी ब्रांड/ प्रोडक्ट्स या सर्विसेज के एक्सपर्ट होते हैं, वे लोग किसी प्रोडक्ट के फोटो,विडियो के द्वारा रिव्यु करते हैं और लोग उनके कहने के कारण उस प्रोडक्ट/सेवा को खरीद लेते हैं।

 

2. ब्लॉगर /Bloggers

ब्लॉगर वे लोग होते हैं जो किसी विषय पर लेख/आर्टिकल लिखते हैं और अपने ब्लॉग में पोस्ट करते हैं, सर्च इंजन में अच्छे से रैंक करने की काबिलियत के कारण वे लोग एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं, ऐसे लोग प्रोडक्ट के बारे में सभी जानकारियां इकट्ठी करके उनके बारे में लिखते हैं और बहुत से लोगों के द्वारा उनके आर्टिकल्स को पढ़ा जाता है, ऐसा करके ब्लॉगर बहुत सा ट्रैफिक सीधे सेलर के वेबसाइट पर भेजते हैं और सेल जनरेट करते हैं।

 

3. सामान्य लोग/Ordinary Peoples

आपने सही पढ़ा, सामान्य लोग भी आज एफिलिएट मार्केटिंग में पीछे नहीं हैं, ऐसे लोग जो स्पेशल नहीं हैं, जिनके पास कोई ख़ास हुनर नहीं है वो भी आज इससे अच्छा ख़ासा पैसे कमा रहे हैं।

क्या आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं ?

अगर हाँ तो आप भी ऐसा कर सकते हैं, आज सोशल मीडिया का इस्तेमाल हर कोई करता है जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, ट्विटर। इन जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके ऐसा किया जा सकता है।

 

4. पेड सर्च/Paid Search

एक छोटे से माइक्रो साईट बनाकर अच्छा ख़ासा पैसे कमाया जाता है, इस प्रकार के पेड सर्च में टारगेट ऑडियंस को फोकस किया जाता है, जैसे कई लोग होंगे जो कुछ प्रोडक्ट खरीदना चाहते होंगे, तो ऐसे सारे लोग टार्गेटेड ऑडियंस होते हैं, इन्हें ध्यान में रखकर सर्च इंजन पर एडवर्टाइज किया जाता है और चूँकि ये फिक्स टार्गेटेड ऑडियंस होती है इसलिए इसमें सेल कर पाना ज्यादा आसान होता है।

 

5. मीडिया वेबसाईट/Media Websites

हर समय बड़ी मात्रा में ट्रैफिक प्राप्त करने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया होता है, ये साइटें लाखों लोगों के ऑडियंस पर ध्यान केंद्रित करती हैं। ये वेबसाइट बैनर और एफिलिएट लिंक के माध्यम से अपने ऑडियंस को प्रोडक्ट की जानकारी देती हैं। यह तरीका बेहतर एक्सपोजर प्रदान करती है और कन्वर्जन रेट में सुधार करती है, जिसके कारण विक्रेता और एफिलिएट दोनों के लिए फायदा होता है।

 

एफिलिएट मार्केटिंग के कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1.क्या मोबाइल से एफिलिएट मार्केटिंग कर सकते हैं?

  • जी हाँ, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके भी एफिलिएट मार्केटिंग किया जा सकता है, आज अधिकतर एफिलिएट प्रोग्राम चलाने वाली कंपनियां अपने एफिलिएट प्रोग्राम को मोबाइल पर चलाने के लिए यूजर फ्रेंडली बना चुकी हैं और उनका यह प्रोग्राम मोबाइल पर आसानी से चलता है, कई लोगों द्वारा सिर्फ स्मार्टफोन का उपयोग करके ही अच्छी तरह से इस काम को किया जा रहा है।


2.एफिलिएट मार्केटिंग में क्या कमियां हैं ?

  • जैसा की हम जानते हैं सभी चीजों में कुछ न कुछ कमी जरुर होती है उसी प्रकार एफिलिएट मार्केटिंग में भी कुछ कमियां हैं जैसे की आप इसे कर तो सकते हैं लेकिन एफिलिएट प्रोग्राम चलाने वाली कंपनी के गाइडलाइन को भी फॉलो करना होगा, कुछ कंपनियां सोशल मीडिया में प्रमोशन करने को स्वीकार नहीं करती, तो कुछ में कम घंटों का कूकी सिस्टम होता है, आप अपने एफिलिएट लिंक से कोई सामान नहीं खरीद सकते।


3.बिना वेबसाइट के एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करें ?

  • जैसे की पहले ही बताया जा चुका है, अगर आपके पास कोई वेबसाईट नहीं है तो आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसमें आप पेज, ग्रुप या पेड प्रमोशन का उपयोग करके ऐसा कर सकते हैं।

 

4.एफिलिएट मार्केटिंग में सफलता कैसे पायें?

  • इस काम में सफल होने के लिए आपको जरुरी है की रेगुलर बेसिस पर आप प्रोडक्ट या सर्विसेज को दूसरों के सामने प्रमोट करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने एफिलिएट प्रोडक्ट की जानकारी पहुँचाने की कोशिश करें, इसके साथ साथ आपको एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में सीखने की भी आवश्यकता हो


5.क्या अमेज़न एफिलिएट मार्केटिंग से इनवाईट करने पर लाभ प्राप्त होता है ?

  • जी हाँ, अमेज़न एफिलिएट मार्केटिंग से इनवाईट करने पर आपको उस प्रोग्राम में बताये गए कमीशन स्ट्रक्चर के हिसाब से जो भी सेल होता है उसका कमीशन आपको प्राप्त होगा।

 

6.क्या एफिलिएट मार्केटिंग की वेबसाइट पे एडसेन्स अप्रूवल ले सकते हैं ?

  • एफिलिएट मार्केटिंग और गूगल एडसेंस का कोई आपसी कनेक्शन नहीं है, यदि आपने एडसेंस के गाइडलाइन को ध्यान में रखकर एक अच्छा वेबसाइट बनाते हैं और उसमे क्वालिटी कंटेंट डालते हैं तो आसानी से आपको एडसेंस का अप्रूवल मिल सकता है।

 

7.एफिलिएट मार्केटिंग कैसे शुरू करें? मोबाइल से कैसे शुरू करें ?

  • एफिलिएट मार्केटिंग चाहे मोबाइल से करें या कंप्यूटर से, सबसे पहले आपको एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में सीखने की आवश्यकता है, ये क्या है, कैसे काम करता है, इन जैसी सभी जानकारियों से सीखने के बाद ही एफिलिएट मार्केटिंग शुरू किया जा सकता है। इसके बाद एफिलिएट प्रोग्राम चलाने वाली कंपनी में रजिस्ट्रेशन करने एवं अप्रूवल के बाद इस काम को शुरू किया जा सकता है।

उम्मीद करते हैं की आपको यह लेख पसंद आया होगा, इस लेख में एफिलिएट मार्केटिंग से जुडी सभी जानकारियां देने की कोशिश की गयी है, यदि कोई हिस्सा छूट गया हो तो हमें बताने की कृपा करें, हम अवश्य ही उसे भी शामिल करेंगे

आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं

धन्यवाद


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